
गुरसरांय (झांसी) ब्रह्माकुमारीज संस्था के स्थानीय सेवा केंद्र गुरसरांय द्वारा संस्था के साकार संस्थापक प्रजापिता ब्रह्मा बाबा की 57 व स्मृति दिवस विश्व शांति दिवस के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ ओम ध्वनि एवं परमात्मा ईश्वरीय महावाक्य मुरली सुनाकर की गई। केंद्र प्रभारी मऊरानीपुर ब्रह्माकुमारी चित्रा बहन जी ने ब्रह्मा बाबा को पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा संपूर्ण विश्व में ब्रह्माकुमारीज के द्वारा आज के दिन 140 से अधिक देशों में विश्व शांति दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा आज के दिन प्रजापिता ब्रह्मा बाबा ने 1969 में अपना पुराना देह त्याग कर संपूर्णता को प्राप्त किया था। ब्रह्मा बाबा ने नैतिक आदर्श संयमित और संतुलित जीवन जीने के लिए जन जन में आध्यात्मिक जागृति लाने का कार्य किया। साथ ही गुरसरांय केंद्र प्रभारी कविता बहन जी ने दादा लेखराज से प्रजापिता ब्रह्मा बनने तक के अलौकिक सफर के बारे में बताया उन्होंने कहा पूरे जनवरी मास एक महीने तक विशेष रूप से ब्रह्म मुहूर्त से शाम तक की दिनचर्या में योग तपस्या को शामिल किया जाता है एवं एक महीने तक सभी भाई बहने अखंड तपस्या एवं राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास करते हैं। जिसमें अखंड विश्व को शांति का दान दिया जाता है। बरुआसागर केंद्र प्रभारी बीके उमा दीदी जी ने कहा ब्रह्मा बाबा के एक कदम से आज यह संस्था 140 से अधिक देशों में 90 दशकों से समाज में मानवीय मूल्यों को जगाने का काम कर रही है। उनका जीवन हम सबके लिए प्रेरणादाई है। अंत में सभी भाई बहनों के द्वारा ब्रह्मा बाबा को पुष्पांजलि अर्पित कर ब्रह्मा भोजन का शुभारंभ किया गया।

इस कार्यक्रम में टहरौली केंद्र प्रभारी बीके पूजा दीदी, बीके कल्याणी दीदी, महिमा बहन, राम बहन, नीलम, राधा, नीलम गुप्ता, कल्पना गुप्ता, डॉली गुप्ता, इंदिरा अग्रवाल, अंजू गुप्ता, गायत्री अग्रवाल, गायत्री खरे, तेज सिंह पटेल, धर्मेंद्र कुशवाहा, प्रहलाद परिहार, बर्ड्स एंड ब्लूम प्राचार्य अमित पटेल, अखिलेश पिपरैया, रमेश मौर्य, अरुण चतुर्वेदी, सुबोध अग्रवाल, रामकुमार अग्रवाल, रामकुमार परिहार, रामस्वरूप पटेल, दयाराम राठौर, राजेंद्र बिलैया, आसपास गीता पाठशालाओं से वीरपुरा, भदरवारा, गरौठा, पंडवाहा, सेरिया, सेरसा एवं गुरसरांय नारी शक्तिपुंज की माताएं सैकड़ो की संख्या में भाई, बहनों ने भाग लिया।





