
सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत पोषण माह में पोस्टर व परंपरागत व्यंजन प्रतियोगिता का हुआ आयोजन
राम मनोहर लोहिया महिला पीजी महाविद्यालय गुरसरांय में छात्राओं ने दिखाया हुनर, संतुलित आहार अपनाने का दिया संदेश
गुरसरांय । कस्बे के राम मनोहर लोहिया महिला पीजी महाविद्यालय में सोमवार को सेवा पखवाड़ा के तहत राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत पोस्टर प्रतियोगिता एवं बुंदेलखंड के परंपरागत व्यंजन प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इस अवसर पर छात्राओं ने रंग-बिरंगे पोस्टरों के माध्यम से संतुलित आहार और कुपोषण उन्मूलन का संदेश दिया, वहीं परंपरागत व्यंजनों के प्रदर्शन से क्षेत्र की समृद्ध पाक परंपरा जीवंत हो उठी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. अशोक यादव ने की। उन्होंने कहा कि पोषण से ही स्वास्थ्य का निर्माण होता है और स्वस्थ समाज के बिना राष्ट्र प्रगति नहीं कर सकता। छात्राओं द्वारा प्रस्तुत संदेश समाज को सही दिशा देने वाले हैं।
मुख्य अतिथि स्वास्थ्य विभाग की सेवानिवृत्त चिकित्सक डॉ. जानकी ने छात्राओं की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन न केवल प्रतियोगिता की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि संतुलित आहार की अहमियत समझाने का भी माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में फास्ट फूड संस्कृति तेजी से बढ़ रही है, जबकि स्थानीय पारंपरिक व्यंजन अधिक पौष्टिक और स्वास्थ्यवर्धक हैं।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. पिंकी सिंह ने छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि पोषण माह का उद्देश्य समाज को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रमों की रूपरेखा से भी अवगत कराया। उन्होंने कहा कि मौसम के अनुसार संतुलित आहार लेना अत्यंत आवश्यक है। हर ऋतु में शरीर की आवश्यकताएँ अलग होती हैं और उसी हिसाब से खानपान को अपनाना चाहिए। कुपोषण आज समाज के लिए एक गंभीर समस्या बन चुका है, जिससे बच्चों और महिलाओं पर सबसे अधिक प्रभाव पड़ता है। इससे बचाव के लिए केवल जागरूकता ही पर्याप्त नहीं, बल्कि सालभर मौसमी अनाज, दालें, फल-सब्जियां और परंपरागत व्यंजनों को प्राथमिकता देना जरूरी है। ऐसा करने से न केवल शरीर स्वस्थ रहता है, बल्कि कुपोषण जैसी भयंकर बीमारी से भी प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है।
विशिष्ट अतिथि डॉ. रमा ने कहा कि शिक्षा संस्थानों में पोषण संबंधी गतिविधियां समाज में जागरूकता फैलाने का सशक्त माध्यम हैं।
इस दौरान छात्राओं ने सत्तू, लिट्टी, दाल-बाटी, मुरैठा, कढ़ी-चावल, ज्वार-बाजरे की रोटी, कचरी व दाल पकवान जैसे व्यंजनों का प्रदर्शन किया, जिसे खूब सराहना मिली। कार्यक्रम डॉक्टर शारदा सिंह चौहान प्रवक्ता गृह विज्ञान द्वारा संपन्न कराया गया।
आयोजन के अंत में यह संदेश दिया गया कि “स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मन और स्वस्थ समाज का आधार संतुलित पोषण है।” इस अवसर पर प्राचार्य डॉक्टर पिंकी सिंह डॉक्टर धीरज दीक्षित डॉक्टर वीरेंद्र सिंह डॉक्टर अजय गौर डॉ आराधना यादव डॉक्टर पूनम यादव नितेश यादव आरपी निरंजन राम राजपूत
यादवेंद्र सिंह प्रीति अडजरिया गुलाब राय शर्मा रामलाला यादव दीपक यादव अरविंद नामदेव बृजेंद्र कुमार प्रजापति आदि एवं सैकड़ो छात्राएं उपस्थित रही





