
झांसी । बुंदेलखंड बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के अध्यक्ष भानू सहाय के नेतृत्व में अखंड बुंदेलखंड के 9 सांसदों का सामूहिक पुतला कचहरी पर फूंका गया। पुतला फूंकते समय कहा गया कि राज्य निर्माण का आन्दोलन लम्बे समय से किया जा रहा हैं। दो हजार आठ में राहुल गांधी ने सूखे बुंदेलखंड में दलितों की झोपडी में रात गुजार कर क्षेत्र की बदहाली पूरे देश को दिखलाई।
दो हजार ग्यारह में मायावती ने उ.प्र. विधानसभा से प्रस्ताव पारित कर बुंदेलखंड राज्य के संघर्ष को आगे बढ़ाया।
दो हजार चऊदा में नरेंद्र मोदी, राजनाथ सिंह व उमाभारती ने प्रभु रामराजा सरकार को साक्षी मान कर तीन साल के भीतर बुंदेलखंड राज्य बनवा देने का वचन हम बुन्देलियों को दिया तो राज्य निर्माण आन्दोलन को पंख लग गए। पुष्पेंद्र सिंह चंदेल एवं भैरो मिश्रा जी ने लोक सभा के भीतर आवाज उठकर बुन्देलियों में विश्वास जगाने का कार्य किया।
अखण्ड बुंदेलखंड के वर्तमान सांसद राज्य निर्माण के पक्षधर नहीं हैं इसीलिए ये राज्य निर्माण के साथ खड़े नज़र नहीं आते हैं।
जो बुंदेलखंड का नहीं वो किसी काम का नहीं इसलिए इन सांसदों का सामूहिक पुतला दहन किया गया। हम बुन्देलियों का पूरा प्रयास होगा कि इन सांसदों को हरा कर पृथक राज्य के समर्थकों को संसद में भेजने का कार्य किया जाएगा।
पुलिस की छीना झपटी के बाद भी मोर्चा के योद्धा नौ सांसदों का पुतला फूंकने में कामयाब हो गए। बुन्देली योद्धाओं ने सिर पर कफ़न बांध लिया हैं, अब राज्य निर्माण का संघर्ष आर या पार का होगा
पुतला दहन करने वालों में रघुराज शर्मा, गिरजा शंकर राय, रवि माथुर एडवोकेट, प्रदीप नाथ झा, कुंवर बहादुर आदिम, हनीफ खान, रामजी सिंह जादौन पारीछा, अनिल कश्यप, राजेंद्र कुमार पूर्व पार्षद, राजेश लोहिया, प्रेम सपेरे, शंकर रैकवार, अरुण रायकवार, अजय श्रीवास्तव, शाहजहां बेगम शाहिदा बेगम, प्रभु दयाल कुशवाहा आदि शामिल रहे।





