February 13, 2026 12:29 am

कृष्णजन्म की कथा में श्रोता हुए भाव विभोर

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गुरसरांय के ग्राम अड़जरा में हनुमानजी के मंदिर पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन भगवान कृष्ण के जन्म की कथा में श्रोताओ ने भाव विभोर हो कर भक्ति रस की धारा में गोते लगाए।

भागवताचार्य सुदामा दास जी महाराज ने जड़ भरत का प्रसंग सुनाते हुए भवाटवी के वर्णन में कहा कि यह संसार दुखों का भंडार है। लोग इसमें फंसता चला जाता है।

उन्होंने भगवान कृष्ण के जन्म की कथा सुनाते हुए कहा कि भगवान के जन्म पर प्रकृति ने भी अपने नियम बदल दिए।

सुन्दर वातावरण बन गया।

उन्होंने कहा नंद एवं यशोदा पूर्व जन्म के द्रोड एवं धरा नाम के वसु थे जिन्होंने तपस्या करके भगवान की बाल लीलाओं के सुख प्राप्त करने का वरदान मांगा था।इसलिए वही निर्गुण ब्रम्ह सगुण साकार बन गया ब्रज में कृष्णरूप में अवतरित हुआ, और अपनी बाल लीलाओं से ब्रजवासियों को आनंद प्रदान किया।

संगीतमय कथा में ऑर्गन पर प्रमोद गोस्वामी एवं नाल पर देवेन्द्र घोष ने संगत की।

कथा की आरती परीक्षित गायत्री देवी एवं खेर इंटर कॉलेज की क्रीड़ाध्यक्ष विनोद कुमार ने की।

 

 

इस मौके पर शिक्षक संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष जगमोहन समेले, जिला पंचायत सदस्य भस्नेह जितेन्द्र पटेल पिपरा, कैलाश प्रकाश गुप्ता, ललित पटेल, सरजू शरण पाठक, सुनील कुमार व्यास, अखिलेश तिवारी सुट्टा, अरुण चतुर्वेदी, नारायण दास पटेल, भानुप्रताप पटेल, नेपाल सिंह, राम सिंह, निहाल सिंह आदि उपस्थित रहे।

 

रिपोर्ट-आशुतोष गोस्वामी