
मोठ (समथर) — कस्बा समथर स्थित गहोई पंचायत भवन में राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की जयंती बड़े हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत महापुरुष के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ की गई, जिसके बाद उपस्थितजनों ने राष्ट्रकवि को श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व अध्यापक श्री प्रकाश चंद्र गुप्ता ने की और उन्होंने राष्ट्रकवि के योगदान पर अपने विचार प्रस्तुत किए। गहोई वैश्य पंचायत के अध्यक्ष चंद्रशेखर गुप्ता ने उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मैथिलीशरण गुप्त का जन्म 3 अगस्त 1886 को उत्तर प्रदेश के झांसी जनपद के चिरगांव में हुआ था। वे अपने माता-पिता की तीसरी संतान थे। पिता सेठ रामचरण कनकने और माता कौशल्याबाई दोनों ही वैष्णव परंपरा के अनुयायी थे।
वरिष्ठ भाजपा नेता मनोज लोहिया ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त अपने आरंभिक जीवन से ही कविता लेखन में रुचि रखते थे और ‘कनकलता’ उपनाम से काव्य रचना करते थे। उन्होंने राष्ट्रप्रेम, संस्कृति और सामाजिक जागरूकता से परिपूर्ण साहित्य का सृजन किया, जो आज भी प्रासंगिक है।
पूर्व अध्यक्ष डॉ. प्रिया शरण गुप्ता और महामंत्री अशोक कुमार कुचिया ने भी राष्ट्रकवि के जीवनवृत्त पर विस्तार से प्रकाश डाला और उनकी साहित्यिक धरोहर को याद किया। कार्यक्रम के अंत में अध्यक्ष चंद्रशेखर गुप्ता ने सभी अतिथियों और समाजबंधुओं का आभार प्रकट किया।
इस अवसर पर बृजमोहन नीखरा, अशोक लोहिया, रमाकांत कुतवाल, मनोज विश्वारी, दीपक चौधरी, नवीन गुप्ता (नवयुवक अध्यक्ष), राघव गुप्ता, अरविंद कंदेले, रामबाबू गांधी, अरुण कदेले, बृजमोहन वेहरे, दिनेश लोहिया सहित समाज के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।





