December 5, 2025 1:32 pm

बुंदेली भाषा में रामचरितमानस को अनुवादित करने वाले लाल खां रामायणी बने प्रथम रचियता  देश में जगह-जगह हो रही सराहना

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गुरसरांय (झांसी)। मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राजा रामचंद्र जी की तपोभूमि रही बुंदेलखंड की माटी का महत्व देश दुनिया में है और आज रामचरितमानस को हिंदी और मुख्यतः बुंदेली भाषा में अनुवादित करने वाले लाल खां उर्फ लालजी शास्त्री रामायणी के नाम से अपनी बुंदेली भाषा को रामचरितमानस में चार सौ दोहा और सोलह सौ चौकड़िया लिखकर एक अनूठी बुंदेली भाषा का महत्व से लेकर ऐतिहासिक यादगार,काम करने वाले लाल खां उर्फ लालजी शास्त्री रामायणी ने एक विशेष परिचर्चा में मीडिया से मुखातिब होकर इस पर गहराई से प्रकाश डालते हुए बताया कि बुंदेली भाषा में रामायण को परिवर्तित करने पर जायसवाल मेमोरियल ट्रस्ट दिल्ली,रायसेन मध्य प्रदेश से लेकर सतना मध्य प्रदेश में विशेष सम्मान से नवाजा गया बताते चले झांसी जिले के गुरसरांय क्षेत्र बिजना गांव में जन्मे लाल ने पूरे देश में तुलसी जयंती समारोह 2023 में समाज में शिक्षा संस्कार एवं सनातन संस्कृति का मूल्यों का संरक्षण संवर्धन में उत्कृष्ट कार्य करने पर तुलसी जयंती समारोह 2023 में श्री रामचरितमानस विद्यापीठ मध्य प्रदेश द्वारा रामायण के क्षेत्र में अनूठा अध्ययन और उनके द्वारा रचित चौकड़िया छन्द में संपूर्ण रामायण का हिंदी में अनुवाद करने पर सर्वोच्च सम्मान से नवाजा गया। इस कार्यक्रम में कार्यक्रम के संस्थापक जसवंत सिंह पूर्व मंत्री मध्य प्रदेश शासन,मानस आचार्य सुरेंद्र कुमार शास्त्री और अध्यक्ष चतुरनारायण रघुवंशी अधिवक्ता ने संयुक्त रूप से तुलसी जयंती समारोह 2023 में देश के कोने-कोने से आए तुलसी के मर्मग ज्ञाताओं के बीच तुलसी मानस सम्मान गौरव सम्मान पत्र देकर नवाजा गया बताते चलें हाल गुरसरांय निवासी लाल खां रामायणी जी को इसके पहले जायसवाल मेमोरियल ट्रस्ट दिल्ली की ओर से भी मानस रत्न सम्मान कार्यक्रम के संयोजक विश्वनाथ प्रसाद, पार्वती देवी के द्वारा प्राप्त कर चुके हैं लाल खान रामायणी जी को बुंदेलखंड और उत्तर प्रदेश का नाम पूरे देश में रामचरितमानस क्षेत्र में किए शोध मैं रोशन करने पर गुरसरांय के कवि साहित्यकारों ने भी खुशी का इजहार किया है।

 

जिसमें प्रमुख रूप से उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान के उपाध्यक्ष राज्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन एडवोकेट हरगोविंद कुशवाहा,श्याम बिहारी गुप्त उपाध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा,कुंवर शत्रुघ्न सिंह परिहार अध्यक्ष अपना गांव अपना तीर्थ, रमेश मौर्य वरिष्ठ कांग्रेस नेता, रघुवीर सिंह यादव बुंदेली भाषा के सर्वोच्च कवि व साहित्यकार, डॉक्टर शिवाजी चौहान, शिवकुमार तिवारी,डॉक्टर प्रतीज्ञा गुप्ता, एडवोकेट सतीश चौरसिया अध्यक्ष अखिल भारतीय गायत्री परिवार,के०के० तिवारी पूर्व प्रधानाचार्य खैर इंटर कॉलेज, चंद्रप्रकाश चौरसिया,कुंवर रामकुमार सिंह संस्थापक मजदूर सेवा संस्थान उत्तर प्रदेश,हरिश्चंद्र नायक संयोजक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद,ब्राह्मण समाज के जिलाध्यक्ष सार्थक नायक,अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के तहसील संयोजक आयुष त्रिपाठी,भारतीय बौद्ध महासभा के मीडिया प्रभारी कौशल किशोर,बुंदेलखंड भाजपा समर्थन मंच के बुंदेलखंड प्रभारी शौकीन खान सहित बड़ी संख्या में कवि साहित्यकार समाजसेवी आदि प्रमुख लोग मौजूद रहे।

जन-जन को लाल खां रामायणी से बुंदेली भाषा,धर्म की प्रेरणा मिलेगी-जवाहरलाल राजपूत

 

गरौठा के विधायक जवाहरलाल राजपूत ने बुंदेली भाषा में लाल खां उर्फ रामायणी द्वारा रामचरितमानस को बुंदेली भाषा में अनुवादित करके एक नया संदेश बुंदेलखंड से लेकर प्रदेश और देश में जाति व धर्म से ऊपर उठकर मर्यादा पुरुषोत्तम राजा रामचंद्र जी के आचरण को आत्मसात कर मानव अपनी जीवन नैया को भव पार लगा सकता हैं लाल खां ने न केवल बुंदेलखंड की भाषा की पहचान को सशक्त किया है बल्कि प्रभु श्री राम सर्वव्यापी सर्व कल्याणकारी सर्व हितैषी की जन-जन में नींव मजबूत कर लोगों को जगाने का काम किया है।

 

रिपोर्ट-आशुतोष गोस्वामी