
गुरसरांय। महर्षि विश्वामित्र की तपोभूमि झारखंड धाम गुढ़ा में चार दिवसीय मेले का शुभारंभ हुआ।
14 से 17 जनवरी तक चलने वाले मेले का सुंदरकांड के पाठ से शुभारंभ हुआ।मेला संयोजक ग्राम प्रधान गुढ़ा चंद्रभान सिंह परमार ने पूजन अर्चन कर धार्मिक मेले का शुभारंभ कराया। कार्यक्रम के आयोजक ग्राम प्रधान चंद्रभान सिंह परमार ने बताया कि
15 जनवरी को मानस प्रवचन एवं संत सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। 16 जनवरी को बुंदेलखंड स्तरीय दंगल का आयोजन होगा। दंगल में महिला पहलवान के अलावा कई बुंदेलखंड केसरी भाग लेंगे। 17 जनवरी को अखिल भारतीय
लोकगीत, लोकनृत्य के साथ मेले का समापन होगा। मानस सम्मेलन का उद्घाटन गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत करेंगे। जबकि 17 जनवरी को मेला का समापन एमएलसी रमा-आरपी निरंजन करेंगे।
आज मकर संक्रांति पर संगीत संध्या का शुभारंभ संगीतगुरु पं परशुराम पाठक की अध्यक्षता में किया गया।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय कथा वाचक एवं शास्त्रीय संगीत के गायक पं ब्रजेश त्रिपाठी ने राग माल गुंजी, आभोगी कान्हणा में एक से एक बढ़कर रचनाएं प्रस्तुत कीं।उनके साथ तबले पर संगत पं अखिलेश त्रिपाठी ने की।
इसके अलावा पं सरजू शरण पाठक,बनमाली वर्मा,विनोद तिवारी,बीरेंद्र सिंह परिहार,जगदीश पाठक,राघवेंद्र तिवारी आदि कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति देकर समा बांधा।
इस मौके पर संत ज्ञान दास,संत रामदास ,बालक दास,भरतदास, पं अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी, ओमप्रकाश मिश्रा,रामेश्वर प्रसाद मिश्रा,मुकुट बिहारी तिवारी,राम सनेही अरजरिया, देशराज चौवे, भानुप्रताप मिश्रा,खेरी प्रधान अलख राजपूत, मथनियाँ प्रधान नरेंद्र शर्मा,खड़ौरा प्रधान मनोज यादव,पूर्व प्रधान राम सुमिरन मिश्रा,राम प्रिया शरण मिश्रा,कमलेश लंबरदार, मेला व्यवस्था में लगे हरीदास अहिरवार, गजेंद्र अहिरवार, रविता यादव, रामलाल अहिरवार, सुखदेवी, ममता सेन, गिरीधारी लाल यादव, अरविंद सिंह बुंदेला, देंवेंद्र कुमार खटीक, लालाराम पाल, धर्मेंद्र यादव, पंचमलाल अहिरवार, राजेश यादव आदि उपस्थित रहे।





