
गुरसरांय।नगर के कुष्ठा माता मंदिर पर गणेश महोत्सव में चल रही संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया गया।
भागवत कथा व्यास पं प्रदीप कृष्ण शास्त्री ने कथा सुनाते हुए कहा कि भगवान की बाल लीलाओं में बड़े से बड़े ज्ञानी मोहित हो जाते है।उन्होंने पूतना उद्धार के माध्यम से कहा कि भगवान ने पूतना को देखकर अपने नेत्र बंद कर लिए थे,क्योंकि पूतना भगवान की दृष्टि की पात्र नहीं थी,इसलिए भगवान ने उसे देखना उचित नहीं समझा।
संगीतमय कथा में नाल पर देवेंद्र घोष,ऑर्गन पर सतीश पटेल,सह गायन पर रानू तिवारी,पैड पर उपेन्द्र खरे ने संगत की।
कथा की आरती श्रीमती माधुरी राघवेंद्र जोशी ने की।

इस मौके पर पूर्व पार्षद राकेश त्रिपाठी, सितारवादक पं सरजू शरण पाठक,अखिलेश तिवारी,जयकिशोर,संजय कुमार,बलराम त्रिपाठी,बब्बू श्रीवास,नीरज प्रजापति, लक्ष्मण प्रजापति, लालू राजौरिया,बल्लू सेठ,खन्ना त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे।





